
Tag: Clean Humour for kids
All we now need to do is add Anthropic, Open AI, and Perplexity to the mix.

Genie: What is your final wish?
Boy: I wish I were you.
Genue: weurd but alrught.

I swear we cant get enough of these.




…until it doesn’t.

ठंड ही ठंड है,
यह बड़ी प्रचंड है,
कक्ष शीत से भरा,
बर्फ से ढकी धरा,
यत्न कर संभाल लो,
यह समय निकाल लो,
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो
चाय – चाय मची रहे,
पकौड़ियाँ सजी रहे,
मुंह कभी थके नहीं,
रजाई भी हटे नहीं,
लाख मिन्नतें करे,
स्नान से बचे रहो,
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो
एक प्रण किए रहो,
रजाई मे घुसे रहो,
तुम निडर डटो वहीं,
पलंग से हटो नहीं,
मातृ की लताड़ हो,
या पितृ की दहाड़ हो,
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो
बधिर बन सुनो नहीं,
निष्कर्म से डरो नहीं,
प्रातः हो कि रात हो,
संग हो न साथ हो,
पलंग पर पड़े रहो,
तुम वहीं डटे रहो,,
वीर तुम अड़े रहो, रजाई में पड़े रहो😄😄😄
✍️ रजाईधारी सिंह ‘दिनभर’
A brilliant comic after a long time



